Sant Shri Asharamji Bapu

Sant Shri Asharamji Bapu is a Self-Realized Saint from India, who preaches the existence of One Supreme Conscious in every human being.

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संत श्री आशारामजी बापू

भारत के संत श्री आशारामजी बापू आत्मज्ञानी संत हैं, जो मानवमात्र मे एक सच्चिदानंद इश्वर के अस्तित्व का उपदेश देते है

लाखो दरबार दुनिया में यूँ तो


लाखो दरबार दुनिया में यूँ तो
तेरे दर सा कोई दर नहीं है
जो भी दर पे तेरे है आया
डूबने का उसे डर नहीं है

तुमने तोडा है माया का घेरा
मेरे जीवन में किया सबेरा
तुमने हर लिया हर दुःख मेरा
और सहारा कोई तुमसा नहीं है

तुमने दी हम को अनमोल काया
कैसी पावन है ये तेरी माया
तेरे दर पे जो मैंने है पाया
वो बताने के काबिल नहीं हूँ

मेरी दुनिया तेरे बिन अधूरी
तू ही करता है हर कमी पूरी
ख़त्म कर दे दाता अब ये दूरी
तू नहीं है तो कुछ भी नहीं है

ओ जगत को बनानेवाले
तेरे काम है सबसे निराले
तू अंधेरो में करता उजाले
जिसे ढूंढे दिल तू तो वही है

तुमने ज्ञान की ज्योति जगाई
हर बुराई है मन से भगाई
तेरे दर्शन से मिलती जो शांति
वह कही और पायी नहीं है

सबसे बढ़कर है तेरी पूजा
तेरे जैसा नहीं कोई दूजा
तुम तो करते हो रहेमत ऐसी
वो भुलाने के काबिल नहीं है

तुमने कितनो को भाव से है तारा
सदा हित ही किया है हमारा
मेरी भटकी इस कश्ती का ''बापू''
कोई तुम सा किनारा नहीं है

तेरा नाम है सबसे पावन
तेरी मूरत है अति मन भावन
तुम को में अपने दिल में बसा लूं
दूसरा कोई अपना नहीं है

तेरे दर्शन से चैन है मिलता
तेरी कृपा से जीवन है खिलता
तेरी मर्जी बिना तो जहाँ में
एक पत्ता भी हिलता नहीं है

सच्चा तू ही मालिक करतार है
सारे जग का तू पालनहार है
तेरे बारे में अब क्या कहूँ मैं
तेरी लीला का वर्णन नहीं है

तूने ही तो है दुनिया बनाई
हर तरफ तो है तेरी खुदाई
दरस दे दो मुझको हे बापू
सही जाती जुदाई नहीं है 


दर्श दे दो मुझको तो बापू
सही जाती जुदाई नहीं है॥
तुमसे रोशन है ये जिन्दगानी
सारी दुनियाँ है तेरी दिवानी।।

तेरी लीला है जग से निराली
मेरी बुद्धी वहाँ पहुँचे नहीं है॥
तेरे दर के दिलकश नजारे
तेरी प्रीति को तरसे हैं सारे।

तुम बिन कौन भव पार उतारे
तारणहारा कोई तुमसा नहीं है॥
कौन कहता है होगी जुदाई
इनकी मूरत है मन में बसाई।

इक बार तो दिल से पुकारो
देर आने में करते नहीं हैं॥
तुमने जीवन से तीमिर मिटाया
ज्ञान ज्योति का दीपक जलाया।

तेरे दर पे जो हमने है पाया
वो कहीं और पाया नहीं है॥
कष्ट हरते तुमही उपकारी
तुमसा ना है कोई हितकारी।

तेरी शान है जग से निराली
दूसरा कोई तुमसा नहीं है॥
सबसे पावन प्रभु तेरा प्यार है

तू ही जीवन का सच्चा सार है।

तेरे चरणों में करते हैं विनती

बिन तेरे गुजारा नहीं है॥

2 comments:

ram keishna said...

Sadho sadhoo for a great guru seva you are doing.
Kya ek bhajan hai shri narayansai ji aawaj me..who hi kya aap is apni blog par add Karen sakte hai...it is....sadhoooooo sadhana hi bhulana....if u will add it pl msg me then
Thanks.
hariom

ram keishna said...

Sadhoo sadhana nhi bhulana bhajan bi kripya aap add Kar sakte hai.sorry pahle wrong type Kar diya tha . hariom

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