Sant Shri Asharamji Bapu

Sant Shri Asharamji Bapu is a Self-Realized Saint from India, who preaches the existence of One Supreme Conscious in every human being.

Search This Blog

संत श्री आशारामजी बापू

भारत के संत श्री आशारामजी बापू आत्मज्ञानी संत हैं, जो मानवमात्र मे एक सच्चिदानंद इश्वर के अस्तित्व का उपदेश देते है

शिव ही गुरु है, गुरु ही शिव है


शिवही गुरु है, गुरु ही शिव है
दोनो एक है कही भेद नही है
ॐनमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

शिवजी तो गंगाधारी है
गुरुसबके मंगलहारी है
केदारमें, कैलाश में
कण-कणमें बसे त्रिपुरारी है

शिवसंघारक कहलाते हैं
गुरुमुक्ति हमें दिलाते हैं
नहीद्वैत है नही भेद है
दोनोही पार लगाते हैं

शिवशून्य में हमें टिकाते हैं
गुरुउलझन सारी मिटाते हैं
क्यासार है, क्या निस्सार है
हमेंइसकी परख कराते हैं

शिवज्योतिर्लिंगों में साजे हैं
गुरुसबके हृदय विराजे हैं
यहीईश है, जगदीश है
इन्हेंहम भावो से नवाजे है

गुरुसबसे ज्यादा गहरे हैं
गुरुसदा स्वयं में ठहरे हैं
तनमे भी है, मन में भी है
गुरुसागर है हम लहरे है

गुरुसबका आत्म – रूप है
गुरुही तो ब्रम्हस्वरूप है
रातोमे है, दिन में भी है
गुरुसागर है हम लहरे है

गुरुसबका आत्म – रूप है
गुरुही तो ब्रम्हस्वरूप है
रातोमे है, दिन में भी है
चाँदनीयेही यही धूप है

पावनशिवरात्रि आई है
गुरुदर्श का अवसर लाई है
श्रद्धाबढ़े, प्रीती बढ़े
गुरुवरसे अर्ज लगाई है


No comments:

Post a Comment

There was an error in this gadget