Sant Shri Asharamji Bapu

Sant Shri Asharamji Bapu is a Self-Realized Saint from India, who preaches the existence of One Supreme Conscious in every human being.

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संत श्री आशारामजी बापू

भारत के संत श्री आशारामजी बापू आत्मज्ञानी संत हैं, जो मानवमात्र मे एक सच्चिदानंद इश्वर के अस्तित्व का उपदेश देते है

तेरे फूलों से भी प्यार, तेरे काँटों से भी प्यार



तेरे फूलों से भी प्यार, तेरे काँटों से भी प्यार
जो भी देना चाहें दे दे करतार, दुनिया के तारणहार
उसको काहे कि फिकर, जिसके सर पे तेरा हाथ
रक्षक तू ही तो हमारा, फिर डरने की क्या है बात
चाहे कष्ट हो लाख हजार, या हो खुशियों की बहार
जो भी देना चाहे दे दे करतार - - -
हम से छिन ले तू सब, पर देना भक्ति का दान
बाकी फीके सुख सारे, झूठी है ये तन की शाम
तुम ही जीवन के आधार, सबके तुम ही सृजनहार
जो भी देना चाहे दे दे करतार - - -
चाहे तन से दूर रहते, पर रहते हो मन के पास
कोई साथ ना निभाता, तुम बिन दूजी न कोई आस
तुम ही सबके जाननहार, तुम सुनते हो सबकी पुकार
जो भी देना चाहे दे दे करतार - - -
हम पे कृपा ये करना, तुमसे बनी रहे ये प्रीति
सच्ची श्रद्धा ना डोले, चाहे सब होवे विपरीत
तेरा हितकारी है प्यार, तुम ही हो जीवन का सार
जो भी देना चाहे दे दे करतार - - -

तेरी मर्जी (इच्छा) में विधाता, कोई छिपा बड़ा है राज
दुनियाँ चाहे हमसे रूठे, तू ना होना बस नाराज
तुम को नमन है बारम्बार, हमको कर ले तू स्वीकार
जो भी देना चाहे दे दे करतार - - -

चाहे रात अंधियारी, या हो रोशन ये प्रभात
वो ना बाधाओं से हारे, तेरा नाम है जिसके साथ
चाहे बिगड़ी को तू सँवार, चाहे डूबा हमें मझधार
जो भी देना चाहे दे दे करतार - - -

तू ही व्यापक है सबमें, तेरा कण-कण में है वास
तेरी भक्ति से मिटती, सबकी जन्म जन्म की प्यास
तेरा कितना है आभार, तेरी करुणा है ये अपार
चाहे सावन की बौछार, या हो मरुभूमि का थार
जो भी देना चाहे दे दे करतार - - -

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