Sant Shri Asharamji Bapu

Sant Shri Asharamji Bapu is a Self-Realized Saint from India, who preaches the existence of One Supreme Conscious in every human being.

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संत श्री आशारामजी बापू

भारत के संत श्री आशारामजी बापू आत्मज्ञानी संत हैं, जो मानवमात्र मे एक सच्चिदानंद इश्वर के अस्तित्व का उपदेश देते है

लिखने वाले तू होके दयाल लिख दे

लिखने वाले तू होके दयाल लिख दे,

लिखने वाले तू होके दयाल लिख दे,

मेरे हृदय अंदर सतगुरु का प्यार लिख दे,

लिखने वाले तू होके दयाल लिख दे।  


माथे पे लिख दे ज्योति गुरु की,

माथे पे लिख दे ज्योति गुरु की,

नैनों में उनका दीदार लिख दे,

मेरे नैनों में उनका दीदार लिख दे,

मेरे हृदय अंदर सतगुरु का प्यार लिख दे।


जिह्वा पे लिख दे नाम गुरु का,

जिह्वा पे लिख दे नाम गुरु का,

कानों में शब्द झंकार लिख दे,

मेरे कानों में शब्द झंकार लिख दे,

मेरे हृदय अंदर सतगुरु का प्यार लिख दे।


हाथों पे लिख दे सेवा गुरु की,

हाथों पे लिख दे सेवा गुरु की,

तन मन धन उनपे वार लिख दे,

मेरा तन मन धन उनपे वार लिख दे,

मेरे हृदय अंदर सतगुरु का प्यार लिख दे।


पैरों में लिख दे जाना गुरु के द्वार,

पैरों में लिख दे जाना गुरु के द्वार,

सारा जीवन ही तू उनके साथ लिख दे,

सारा जीवन ही तू उनके साथ लिख दे।


इक मत लिखना गुरु का बिछड़ना,

चाहे तू सारा संसार लिख दे,

लिखने वाले तू होके दयाल लिख दे,

मेरे हृदय अंदर सतगुरु का प्यार लिख दे,

मेरे हृदय अंदर सतगुरु का प्यार लिख दे,

सतगुरु का प्यार लिख दे।

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पूज्य संत श्री आशाराम जी लीला किस विधि गाऊँ

पूज्य संत श्री आशाराम जी लीला किस विधि गाऊँ

मैं बार-बार सिर नाऊँ, मैं बार-बार सिर नाऊँ

पूज्य संत श्री आशाराम जी लीला किस विधि गाऊँ

मैं बार-बार सिर नाऊँ,मैं बार-बार सिर नाऊँ

चमत्कार भए योग सिद्धि से ना समझूँ समझाऊँ

मैं बार-बार सिर नाऊँ, मैं बार-बार सिर नाऊँ


सर्प विषैले प्यार से बस में बाबा तेरे आगे

बादल भी बरसात से पहले तेरी ही आज्ञा माँगे

ऐसा अनुग्रह कर दे बाबा निशदिन दर्शन पाऊँ

मैं बार-बार सिर नाऊँ, मैं बार-बार सिर नाऊँ

पूज्य संत श्री आशाराम जी लीला किस विधि गाऊँ

मैं बार-बार सिर नाऊँ,मैं बार-बार सिर नाऊँ


सावरमती की बाढ़ का पानी चरण स्पर्श से रुकता

हाथ लिए हथियार खड़े सब कोई ना आगे बढ़ता

जीव में शिव के दर्शन करते सबको गले लगाते

पंथ भूले राही को बाबा सच्ची राह बताते

भटक भटक मैं हार के बाबा तेरो ही सत्संग चाहूँ

मैं बार-बार सिर नाऊँ, मैं बार-बार सिर नाऊँ

पूज्य संत श्री आशाराम जी लीला किस विधि गाऊँ

मैं बार-बार सिर नाऊँ

चमत्कार भए योग सिद्धि से ना समझूँ समझाऊँ

मैं बार-बार सिर नाऊँ, मैं बार-बार सिर नाऊँ


अक्षय पात्र दिया बाबा ने दिया प्रसाद लुटाने

विद्यालय में घूम-घूम के बाँटते फिरे सयाने

फिर भी ना वह खत्म हुई थी बाल्टी पूरी आधी

अनगिन लोगों ने खाई जब बाबा की वो प्रसादी

भक्ति वश बाबा ने चलती गाड़ी को भी रोक लिया

दर्शन करने वालों को खुद हाथों से ही प्रसाद दिया

दुख दर्दी का दुख वे हरते दूर सभी के पीड़ा करते

बाबा मौत का भी मुख मोड़े अजब अनेकों क्रीड़ा करते

काम विकार से विजयी बनाए दुर्गुण से करे दूर

नर नारी में देख सकूँ मैं नारायण का नूर

भर बुध गिरी हो या हो हिमालय या कोई भी धाम

राम का चिंतन कबहु ना छूटे बन गए आशाराम

दो कर जोडू विनती करूँ तोहे तेरी ही अर्जी मैं गाऊँ 

मैं बार-बार सिर नाऊँ, मैं बार-बार सिर नाऊँ

पूज्य संत श्री आशारामजी लीला किस विधि गाऊँ

मैं बार-बार सिर नाऊँ, मैं बार-बार सिर नाऊँ

चमत्कार भए योग सिद्धि से ना समझूँ समझाऊँ

मैं बार-बार सिर नाऊँ, मैं बार-बार सिर नाऊँ

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होली हैं गुरूजी आए रे सूरत में

होली है

होली है गुरुजी आओ रे

सूरत नगरी रंग में डूबे आज रे

होली है होली है होली है

होली है होली है होली है



होली है होली है होली है

होली है होली है

होली है गुरुजी आओ रे

सूरत नगरी रंग में डूबे आज रे

होली है गुरुजी आओ रे

सूरत नगरी रंग में डूबे आज रे

गुरुजी होली खेल रहे हैं सूरत में

प्रेम का रंग उड़ रहे हैं सूरत में

भक्ति की पिचकारी से छूट

ज्ञानलाल गुलाल घूम रहा है झोके से

हीरों की नगरी चमक रही है

कृपा की वर्षा छम छम है

हर दिल आज रंगा हुआ है

नाम की गूंजे धम धम है

होली रे होली गुरु संग होली

सूरत में रेलवे स्टेशन की टोली

प्रेम रंग भक्ति ज्ञान रंग रंग नासाली

होली रे होली आनंद की डोली

होली रे होली आनंद की डोली



ढोल बजे तो तन भी नाचे

मन भी रंग में डूबे रे

गुरु कृपा की फुहार पड़े तो

भाग्य हमारी शुभकामनाएँ रे

पलाश सा जलता विश्वास

अंतर दीप जले

गुरु नाम की धुन लगे तो

सारा भय भी धइले

ऐसा रंग चढ़ा आज सामने आया ना जन्म जन्म

जो गुरु रंग में रंग गया वो पार हो गया हर गम

होली है होली है होली है होली है होली है

होली है

होली है गुरु संग होली है

सूरत में प्रेम विवाह हो रहा है

भक्ति की झोली है

गुरुजी होली खेल रहे हैं

जय गुरुजी



जय गुरुजी

होली है होली है होली है होली है

होली है होली है होली है होली है होली है