Sant Shri Asharamji Bapu

Sant Shri Asharamji Bapu is a Self-Realized Saint from India, who preaches the existence of One Supreme Conscious in every human being.

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संत श्री आशारामजी बापू

भारत के संत श्री आशारामजी बापू आत्मज्ञानी संत हैं, जो मानवमात्र मे एक सच्चिदानंद इश्वर के अस्तित्व का उपदेश देते है

भगवान मेरा जीवन



भगवान मेरा जीवन…
तेरे प्यार के लिए हो
जिंदगी हो लेकिन
उपकार के लिए हो
तेरे ज्ञान  के लिए हो
तेरे नाम के लिए हो ll रिपीट ll

हरि नाम की लगन हो
भक्ति में मन मगन हो
चाहे हमारी नैय्या
संसार में फंसी हो
भगवान मेरा जीवन…ll 1 ll

मेरे मन मंदिर में गुरुवर
तुम ज्ञान  की ज्योत जलाओ
नज़रे हो जो मेरी
दीदार के लिए हो
भगवान मेरा जीवन… ll 2 ll

गुरु भक्ति एक मंदिर
गुरु दया का एक समुंदर
मेरे प्राण भी न्योछावर
गुरुद्वार के लिए हो
भगवान मेरा जीवन … ll 3 ll


तेरा नाम हर पल गाउँ
तेरी भक्ति में खो जाऊँ
वाणी हो जो मेरी
गुणगान के लिए हो
नज़रे हो जो मेरी
दीदार के लिए हो
भगवान मेरा जीवन… ll 4 ll


ओम नमो नारायणाय
सूर्य नारायणाय
चंद्र नारायणाय
पृथ्वी नारायणाय
भज मन नारायणाय
मुझ में नारायणाय
तुझ में नारायणाय
सब में नारायणाय

सदगुरु नारायणाय
भज मन नारायणाय
लक्ष्मी नारायणाय
ओम नमो नारायणाय
हरी नारायणाय
श्रीमन नारायणाय

जब से गुरु कृपा मिली
किस चीज़ की कमी है?
सब वेदों का ज्ञान  मिला
ज्योत से ज्योत जगी है..
मेरी ज्योत से ज्योत जगी है…
ओम नमो भगवते वाशुदेवाय…

सदगुरु बिन जहाँ में


ये तन ना साथ देगा, ये धन ना साथ देगा ।
सदगुरु बिन जहाँ में, कोई ना साथ देगा ॥
धन माल खूब जोड़ा, ऊँचा महल बनाया ।
दिया दान ना कभी भी, ना पुण्य ही कमाया ।
ना तो कभी किसी का, दुःख दर्द ही मिटाया ।
सब छोड़ कर चला तू, कुछ भी ना काम आया ।
ये कोठे, महल और बंगले, वैभव ना साथ देगा । सदगुरु बिन जहाँ में.....................बस खेल में बिताया, बचपन वो प्यारा प्यारा ।
यौवन के मद में खोकर, सारा समय गंवाया ।
आया बुढ़ापा दिखता, कोई नहीं सहारा ।
आँखों से बह रही है, दिन रात अश्रु धारा ।
जब काल सिर पर आये, कोई ना साथ देगा । सदगुरु बिन जहाँ में.....................ना गोरा तन रहेगा, ना रूप ही रहेगा ।
तेरी जवानी का मद भी, कभी न रह सकेगा ।
जिस तन को तू सजाता, वो धूल में मिलेगा ।
सब देखते रहेंगे, अग्नि में वो जलेगा ।
ना रूप साथ देगा, ना रंग साथ देगा । सदगुरु बिन जहाँ में.....................यौवन में तुझमे मद की, चाई रही बदरिया ।
ऐसा हुआ दीवाना, सूझी नहीं डगरिया ।
हरि का भजन किया न, यूँ ही गयी उमरिया ।
अब लाद चला सर पर, है पाप की गठरिया ।
पहुंचे जब वहां पर, कोई न साथ देगा । सदगुरु बिन जहाँ में.....................विषयों में क्यों तू भटका, गुरुद्वार क्यूँ ना आया ।
क्षणिक सुखों में फंसकर, आयुष्य क्यूँ गंवाया ।
अनमोल है ये जीवन भोगों में क्यूँ बिताया ।
पाया है जो इस जग में, वो कब तक साथ देगा । सदगुरु बिन जहाँ में.....................मतलब के सारे नाते, मात पिता सूत भ्राता ।
ममता में फँस के इनकी, क्या हाथ तेरे आता ।
मृत्यु जो सर पे आये, कोई न साथ जाता ।
सच जान ले तू प्राणी, गुरु ही सबके विधाता ।
जब साथ सबका छूटे, गुरु नाम साथ देगा । सदगुरु बिन जहाँ में
.....................

तुम्ही मेरे राम हो तुम्ही मेरे श्याम हो


तुम्ही मेरे राम हो तुम्ही मेरे श्याम हो ।
तुम्ही मेरे तीरथ तुम्ही चारों धाम हो ।
तुम्हारे सिवा अब कुछ नहीं भाता ।
गुरु और शिष्य का कैसा ये नाता ।
तुम्ही मेरे राम हो..............तुम्ही हो अपने जगत पराया । अब ये समझ में हमको है आया ।
तुम्हे पा के हमने सब कुछ पाया ।
सिर पे रहे सदा तेरा ही साया ।
तुम्ही मेरे राम हो..............पावन-पावन छवि है तुम्हारी ।
सुखकर हितकर वाणी तुम्हारी ।
तुमने राखी सदा लाज हमारी ।
क्षण में हरन की मुश्किलें सारी ।
तुम्ही मेरे राम हो..............तुमने ही सबके काज संवारे ।
धन्य हुए हम जो आये तेरे द्वारे ।
झूठे हैं दुनिया के रिश्ते सारे ।
जान गए हम तुम हो हमारे ।
तुम्ही मेरे राम हो..............जहाँ भी मैं देखूं नज़र तुम आते ।
तेरी शरण में हम शांति पाते ।
नश्वर रिश्ते साथ छोड़ जाते ।
सदगुरु ही सदा साथ निभाते ।
तुम्ही मेरे राम हो
..............

तेरे दर पे हो बसेरा, मेरे गुरुदेवा


तेरे दर पे हो बसेरा, मेरे गुरुदेवा ।
तुम्हारे बिन नहीं रहना, अब दूर ए हुज़ूर ।

तुमसे सदा मैं तुमको ही मांगू ।
तेरी याद में ही सौउं और जागूं ।
आँखों में बस जाओ मेरे गुरुदेवा । तुम्हारे बिन नहीं रहना ............

तुमसे ही से रौशन जीवन हमारा ।
शुक्रिया करें कैसे गुरुवर तुम्हारा ।
मेरे दिल में बस जाओ मेरे गुरुदेवा । तुम्हारे बिन नहीं रहना ............

भोगों से हमको सदा तुम बचाना ।
दुःख हो या सुख हो सदा याद आना ।
तुम हमारी हर ख़ुशी हो मेरे गुरुदेवा । तुम्हारे बिन नहीं रहना ............

करुनानिधान हो तुम सबसे प्यारे ।
हम सबके गुरुवर तुम्हीं हो सहारे ।
सर्वस्व तुम ही हो मेरे गुरुदेवा । तुम्हारे बिन नहीं रहना ............

तुमसे जुदाई सह नहीं सकते ।
बिन तेरे हम रह नहीं सकते ।
ना करना दूर हमको मेरे गुरुदेवा । तुम्हारे बिन नहीं रहना ............

तेरे दर पे हो बसेरा, मेरे गुरुदेवा ।
तुम्हारे बिन नहीं रहना, अब दूर ए हुज़ूर ।
ना तुम बिन चाहिए जन्नत ए हुज़ूर ।