मेरे प्राणों का आधार
बापू आ जाओ एक बार
साधक की यही पुकार
साँई आ जाओ एक बार
मेरे प्राणों का आधार
बापू आ जाओ इस बार
साधक की यही पुकार
साँई आ जाओ इस बार
मेरी सुनकर करुण पुकार
बापू आ जाओ एक बार
तेरी याद में अँखियाँ हैं छलकी
जीवन की घड़ियाँ कुछ पल की
हो जाए तेरा दीदार
साँई आ जाओ एक बार
बापू आ जाओ एक बार
तेरी प्यारी जो मुस्काने हैं
हम सब उसके दीवाने हैं
तेरे दरश का हैं इंतजार
बापू आ जाओ इस बार
दुनिया में ऐसा कोई नहीं
जो मेरी पीड़ा समझेगा
वर्षों दर्शन बिन बीत गए
साधक कैसे रह पाएगा
मेरी पीड़ा हरो दातार
कुछ किरपा करो दातार
बापू आ जाओ एक बार
मेरे प्राणों का आधार
साधक की करूण पुकार
बापू आ जाओ एक बार
तेरी विरह में नीर बहाते हैं
अपनी पीड़ा को छिपाते हैं
तुझे याद करे हैं दिन रात
बापू आ जाओ एक बार
साँई आ जाओ एक बार
ये प्यासा मन मेरा तरस रहा
बिन सावन के ये बरस रहा
क्यों तरसाते हर बार
क्यों तड़पाते हर बार
बापू आ जाओ इस बार
मेरे प्राणों का आधार
साँई आ जाओ एक बार
मेरी सुनकर करुण पुकार
हैं सब साधक की पुकार
बापू आ जाओ एक बार
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