मातृ पितृ पूजन की राह दिखाने वाले
भला हो तेरा नींद से हमें जगाने वाले
कलियुग में सतयुग को मोड़ के लानेवाले
भला हो तेरा नींद से हमें जगाने वाले
मातृ पितृ पूजन की राह दिखाने वाले
भला हो तेरा नींद से हमें जगाने वाले
हीरों पे माटी की परतें जमी हुई थी
देखना क्या था और कहाँ नजरें थमी हुई थी
दो कौड़ी भी ना था कलतक दाम हमारा
तूने छुआ तो मोल बढ़ा हर शाम हमारा
ज्ञान अमृत से धोके हमें चमकाने वाले
भला हो तेरा नींद से हमें जगाने वाले
कलियुग में सतयुग को मोड़ के लानेवाले
भला हो तेरा नींद से हमें जगाने वाले
धर्म क्या हैं संतान का तुमने हमें बताया
सुबह का भूला शाम को अपने घर लौट आया
मन में पल रहा था जो रावण उसे जलाया
धन्यवाद गुरुदेव राम को राम बनाया
मुरझाए फूलों को फिर महकाने वाले
भला हो तेरा नींद से हमें जगाने वाले
कलियुग में सतयुग को मोड़ के लानेवाले
भला हो तेरा नींद से हमें जगाने वाले
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