मातृ पितृ पूजन के पौधे गुरूवर ने जो सींचे
इस महा वृक्ष की छाया पा रहे विश्व के बच्चे
एक नहीं सौ सौ मुख से गा न सकें इसकी महिमा
मात पिता के रूप में मिला हमें परमात्मा
ना दिल क्यों इनका दुखा ये तो हैं कितने अच्छे
इस महा वृक्ष की छाया पा रहे विश्व के बच्चे
नौ महीने हर दुःख सहकर लाए धरती पर तुझको
भूल उनकी ममता को प्रेम दिवस कहता किसको
मात पिता संग दिन मना ये तो हैं कितने अच्छे
इस महा वृक्ष की छाया पा रहे विश्व के बच्चे
बापू का यह दिव्य प्रसाद मिटा रहा जन जन विषाद
देश विदेश में मातृ पितृ का गूँज उठा हैं शंखनाद
मात पिता संग दिन मना ये तो हैं कितने अच्छे
इस महा वृक्ष की छाया पा रहे विश्व के बच्चे
पाकर के तुमको गुरूवर हमने सब खुशियाँ पाई
मातृ पितृ के इस दिवस पर हमें याद तेरी आई
हम बालक बापू तेरे तुम मात पिता मेरे सच्चे
इस महा वृक्ष की छाया पा रहे विश्व के बच्चे
मातृ पितृ पूजन के पौधे गुरूवर ने जो सींचे
इस महा वृक्ष की छाया पा रहे विश्व के बच्चे
No comments:
Post a Comment